मस्ती दर्पण

>> रविवार, 7 दिसंबर 2008


मस्ती मन का दर्पण है ,
मस्ती माधव का वृन्दावन है
मन दर्पण झांक के देखो
मन का झरोखा खोल के देखो

मन की गांठ जब खुलती है
एक नई चेतना उदित होती है

मन का दर्पण झांक के देखो
रु ब रु हो जाओ ख़ुद से
मस्ती में ही मिल लो ख़ुद से
मस्ती में ही मिल लो रब से

जिस मन मस्ती बसती है
मन बन जाता वो मन्दिर

मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली !!
आओ बनाये हम
मन को मन्दिर
मन मन्दिर में भगवन पाए
मस्ती के मन दर्पण में
दुनिया को भी उजाला पायें

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जीवन को लय में लायें

>> शनिवार, 29 नवंबर 2008

(मुंबई में आंतक का शिकार हुए लोगो को विनम्र और अश्रुपूर्ण श्रद्धा सुमन के साथ सादर )

माना रात का दर्द गहरा है
लेकिन
ये भी उतना सच है
गहरी
रात के बाद ही सवेरा है
माना
काली रात को भुलाना
इतना
आसान नही

माना
काली रात का दर्द अभी
इतनी
ज़ल्दी भरेगा भी नही
किंतु
नियति यही कहती है
जो
बीत गया उसे बिसराओ

जीवन
की नई शुरुआत के लिए
मस्ती
की राह पर जाओ
शोक
में भी गीत गाओ
पीड़ा
में भी जीत गाओ
मस्ती
यही सिखाती है
हर
दर्द में भी ये मुस्काती है

माना
जटिल होगा शोक में
कंठ
से गीतों का बहना
दर्द को पीना सीखना होगा
क्योंकि
जीवन है सबसे बड़ा
इस प्रहार से जो दर्द मिला
उसको
शक्ति की ढाल बना

मस्ती
में ये दर्द भी पी लेंगे
मस्ती
से जीवन बनायेंगे
जहाँ दर्द दहशत होगी
जहाँ
बस मस्ती होगी
मस्ती
जैसी भक्ति होगी

मेरे
प्रियतम !मेरे हमजोली!
आओ
भुला दे हर वेदना को
जीवन
को जिए अब नए सिरे से
जीवन में नए उजाले भर लायें

जीवन
को नई लय में लाये
जीवनको
उल्लास बनाये
जीवन
को फिर से उत्सव बनाये
अमन के शत्रु को अपना
हौसला
हम दिखलाये

जीवन
को फ़िर से लय में लाकर
हम
जीवन का गीत कोने कोने पहुंचाएं
जीवन को लय में लायें
मस्ती
में जीवन को गायें


(मुंबई में आंतक की काली रात की समाप्ति के बाद अब चुनौती जीवन को फ़िर से पटरी पर लाने की हैहमारे देश ने हमेशा समूची दुनिया का कल्याण चाहा हैआध्यात्म ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है .इस पीड़ा में भी हम जीवन के गीत गाने नही छोडेंगे ...हम प्रेम शान्ति और अमन का संदेश देना हमेशा की तरह जारी रखेंगेहमने जीवन की जय का गीत गाना नही छोड़ा ...दहशतगर्दो यही तुम्हारी सबसे बड़ी हार है ...!!!)

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मस्ती मदिरा

>> सोमवार, 24 नवंबर 2008


बदले ख़ुद की हस्ती
पल पल जीवन कर ले मस्ती
मस्ती मस्ती मेरी भक्ति
मस्ती मस्ती मेरी मुक्ति

मस्ती को मदिरा को पी ले
मस्ती में हो जाए बेसुध
होके बेसुध साध ले जीवन
मस्ती में करदे ख़ुद को अर्पण

मयकदे मस्ती के जब झूमते हैं
खुदा के आँगन को ये चूमते हैं

मस्ती की इस मदिरा में
आओ डूबे
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली !!

मस्ती की मदिरा में झूमें
मस्ती की मदिरा को पीके
कर ले भवसागर पार हम
मेरे हमजोली

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आ पा ले मस्ती में ख़ुद को

>> शुक्रवार, 21 नवंबर 2008


मेरा अब कुछ भी नही
मैं अब कुछ भी नही
मस्ती मिली जब से मुझको
सौपं दिया मस्ती में ख़ुद को

स्वीकार किया मस्ती को
तन मन जीवन तब से
हो गया अब बेडापार
मस्ती ने खोल दिये हृदय के द्वार

मस्ती स्वीकार परमपिता का
मस्ती ही मुक्ति का द्वार

भाव जगे मन में अब ऐसे
मस्ती ही हो सबकुछ जैसे
मस्ती रस से परिपूर्ण हुआ
अंहकार से शून्य हुआ


"मैं" तो कब का चला गया
भगवन मस्ती में समा गया

मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
आओ मिटा दे ख़ुद को ऐसे

पा ले हम अपना हमजोली
ख़ुद से मिल लें ख़ुद से बोले
अब मस्ती की बोली

आओ बनायें मिलके हम
मस्तो की इक टोली
ख़ुद से मिलना जिसकी हसरत
और हसना हो बोली

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अप्रतिम मस्ती

>> गुरुवार, 13 नवंबर 2008


मस्ती सत्यम मस्ती शिवम्
और मस्ती ही सुदरम
मस्ती मनभावन है
मस्ती ही सुन्दरतम

जीवन को नया रूप मिलेगा
सौभाग्य का पुष्प खिलेगा
मस्ती से महका लो जीवन
मस्ती पुष्पम

मस्ती पुण्यम मस्ती दर्शनम
मस्ती खेलम मस्ती गीतम

मस्ती अमृतम मस्ती प्रियतम
मस्ती से ही जीवन मस्तम
मस्तम मस्तम जीवन जोगी
मस्तम मस्तम सुन्दरम

इस पार से उस पार जाना
तो क्यों हसते जायें ,
मस्ती में रहे हर पल
मस्ती में ही झूम जायें

मस्ती अविरल मस्ती अविकल
मस्ती में बीते पल पल मस्तम
मस्ती सत्यम मस्ती अर्थम्
मस्ती सरगम

अप्रतिम है मस्ती
मेरे प्रियतम !मेरे हमजोली !!
आओ कर ले जीवन हम
मस्ती से स्वर्णम

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नया सवेरा

>> बुधवार, 5 नवंबर 2008


आओ देखे नया सवेरा
आओ चले मस्ती का डेरा


मस्ती का जहाँ है मेला
जहाँ नही कोई अभिलाषा
जहाँ प्रेम ही दिलों की भाषा


मस्ती के इस डेरे को देखो
मस्ती के इस घेरे में जी लो
हस लो गा लो खुशी मना लो
जीवन को गीत इक बना लो


मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
आओ चले हम
मस्ती के मेले
मस्ती में खेले
मस्ती में जी ले ।


कदम बढ़ा ले अपने
मस्ती के डेरे
मस्ती के डेरे
हमें पुकारें

बाँहों को पसारे
जीवन का विस्तार करे
मस्ती के इस मेले में
चलो जीवन विहार करे ।

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परम प्रकाश

>> बुधवार, 29 अक्टूबर 2008


परम प्रकाश मस्ती का फैला उजियारा
मन में मस्ती दीप जला मिटा अँधियारा


मस्ती के पथ पर है जो चलता
आत्मदीप सदा ही जलता

मस्ती के इस प्रकाश में
मिट जाता हर अंधियारा
जो मस्ती की राह पर आया
उसका हर पथ उजियारा

आओ आँगन दीप जलाएं
आओ मन का दीप जलाये

मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली !!
आओ मस्ती के इस प्रकाश में
हम कर ले हर निशा
जीवन की उजली

(आप सभी सुधि पाठकों को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें
दीपो का यह पर्व आपके जीवन में सुख समृद्धि शान्ति और उल्लास
का प्रकाश लाये .....
शुभकामनायें
आपका ही
अमिताभ )

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मस्ती का चाँद

>> रविवार, 19 अक्टूबर 2008

मस्ती का चाँद खिला है
शीतल शीतल
मस्ती से जीवन हुआ
कोमल कोमल

मस्ती की निशा में
तारे आए धुलकर
धवल धवल
फूल खिले जीवन में
नवल नवल

मस्ती की इस रात में
तुम भी आओ
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
आओ निकले मिलकर
हम चाँद की एक डोली

चाँद को मस्ती से सजा दो
चाँद को थोडी मस्ती चखा दो
चाँद मस्ती में प्यारा हो जाए
मस्ती में आओ जी के
चाँद से हम मिलकर आयें
(*चन्द्रयान बाईस की अल सुबह प्रक्षेपित हो रहा हैये अवसर हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है .भारत के चाँद पर बढ़ते कदम .. मिशन मून के लिए सभी वैज्ञानिकों को हार्दिक शुभकामनायें..)

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जीवन सुगंध

>> बुधवार, 8 अक्टूबर 2008


हँसकर गाकर करो स्वागत
सुबह दरवाजे पर देती दस्तक

खुश हो जाओ मस्ती पाकर
मस्ती की लय में गाकर
नाच लो गा लो खुशी मना लो
मस्ती को जीवन में बसा लो

मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
हर सुबह मस्ती में
हस कर गाकर बोली

जिसके जीवन में हर पल मस्ती
बदल जाए उसकी हस्ती
जीवन को खिलते सुमन
जैसे बिताना
जीवन में हर उलझन मिटाना

खिलते फूलों के जैसी मस्ती
जीवन को सुंगध से भर दे

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साधो मस्ती को साधो

>> शुक्रवार, 19 सितंबर 2008


साधो मस्ती को साधो
मस्ती में जीवन को पाओ
इस चोले को कष्ट कितना दिया
इस चोले को देके देखी तुमने पीड़ा

न तो सत्य को पाया
न मिला परमात्मा
घर से दूर निकल के देखा तुमने
पर्वत को बनाया अपना ठिकाना
भगवन वहां भी ना पाया
सत्य तो वहां भी ना जाना

साधो मस्ती को साधो
मस्ती में भगवन को पाओ
मस्ती मस्ती में ही भगवन से ख़ुद को जोडो
मस्ती के आँगन में ख़ुद को ढूंढो
मस्ती से खिलता जीवन है
मस्ती में ही मिलता भगवन है

मस्ती के इस आँगन में साधो
तुम छोड़ के पर्वत आ जाओ
मस्ती में जानो सत्य उस पार के
मस्ती से उस पार चले जाओ

मस्ती तो भगवन है
मस्ती तो दर्शन है
मस्ती ध्यान मस्ती ही योग
मस्ती परम ईश का भोग

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मस्ती में बीते हर पल

>> शुक्रवार, 12 सितंबर 2008

जीवन को कर ले बेहतर
मस्ती में जी ले पल पल
पल पल जीवन को गाते
हम चले इस जग से आगे

पल पल जीवन को आनन्द से भर लें
परमात्मा के इस प्रसाद को
समग्र भाव से हम चख ले
पल पल जीवन को जीते
हम जीवन का विस्तार करे
मस्ती से जीवन को जीते
इस जहाँ से निस्तार करे

मेरे प्रियतम! मेरे हमजोली!!
पल पल में मस्ती भर लो
खोलो अपनी झोली

बीत गया जो पल फिर कभी ना आएगा
बस मस्ती
के रूप में ही
मेरी तुम्हारी स्मृति रह जायेगी
पल पल जीवन को बना ले
हम मस्ती की प्रार्थना
मस्ती को ही कर ले
हम ईश की आराधना

न तो मुझको रहना है
न तुझको ही रहना
आने वाली नस्लों को
दे दे हम मस्ती का खिलौना

मस्ती की इस पुण्य सलिला
में तुम भी बहते जाओ
मेरे प्रियतम !मेरे हमजोली !!
पल पल को मस्ती में जीके
ईश का वंदन कर ले हम हमजोली

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मस्ती की लहर

>> बुधवार, 27 अगस्त 2008


आओ प्रियतम !
उठा ले मस्ती की लहर
मस्ती की आती जाती लहरों में
आओ लहर हम हो जाए
खिली धूप के संग
धूप हो जाए
जीवन के इस सागर में
मस्ती लहर उठाये
मस्ती की फेनिल लड़ियों में
मस्ती के मोती पाये
आओ मस्ती से
उदासी की धुंध हटा दे
मस्ती को ह्रदय से लगा ले
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
आओ बनाये मिलकर हम
मस्तो की इक टोली
जीना जिसकी भाषा हो
और हसना हो बोली

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मस्ती जीवन का उजियारा

>> बुधवार, 13 अगस्त 2008


मस्ती का दीपक जला
दूर हुआ अँधियारा
मस्ती जीवन का उजियारा

जब जीवन तपता है
कुंदन बन जाता है
मस्ती की राहों में आकर
जीवन सोना हो जाता है ।

अंधेरों से निकल कर
बढ़ जाते उजियारे पथ पर
मस्ती जीवन का उजियारा

दो बोल बोलो मस्ती से
मन की गांठे खुल जाती है
मस्ती में जीवन जीने से
रूह भी धुल जाती है ।

घोल दो मस्ती को अपने जीवन में
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली !!
आओ घोले मिलकर हम
मस्ती की बोली !!

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मस्ती की झांझर

>> शुक्रवार, 25 जुलाई 2008


मस्ती की झांझर झन से बाजे
मस्ती की झंकार सुनाये
मस्ती के रस को पागे
जीवन राग बजाये

कितनी बार है जीवन पाया
कितनी बार उसे यूँ ही गंवाया
मस्ती को जब जब न अपनाया
जीवन की सार्थकता को न पाया

मस्ती के गीत को जब
हृदय से लगाया
मस्ती का राग जब
अधरों ने गाया
जीवन काटों मे मुस्काया ।

मस्ती कीर्तन भगवन का
मनुज की उन्मुक्त उड़ान मस्ती
मानव तन की मुक्ति मस्ती
जीवन की भक्ति मस्ती

मस्ती की झांझर मंजीरा बाजे
मेरे आँगन

मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली !!
आओ गायें -बजाये मिलकर
बोले हम मस्ती की बोली ।

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मस्ती स्पंदन

>> मंगलवार, 15 जुलाई 2008


मस्ती मेरा तिलक
मस्ती ही मेरा चंदन
मस्ती मेरा मनका
मस्ती ही भजन

भाल पर भभूत
मस्ती
गले की माला भी
मस्ती

मस्ती जीवन दर्शन है
मस्ती जीवन स्पंदन है

मस्ती के इन
प्रतीकों को
अपने ह्रदय लगाओ
मस्ती के इस
मार्ग पर तुम भी
जाओ

मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली!!
आओ लगा ले
भाल पर हम
मस्ती की रोली
मस्ती के मनको
को फेरे मिलकर हमजोली

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मस्ती की बारिश

>> बुधवार, 2 जुलाई 2008



मस्ती तो बारिश की जैसी
रिमझिम रिमझिम बरसती जाए
मस्ती की बूंदों को पाकर
जीवन खिलता जाए

जीवन था तब तक मरुस्थल
जब तक इसमे मस्ती न आई
मस्ती की बारिश को पाकर
जीवन की बगिया खिल आई

मस्ती जीवन को मुस्काती है
मस्ती जीवन को अपनाती है
मस्ती के इन धारों में
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
तुम भी आओ

भीगी भीगी इस मस्ती में
तुम भी भीगते जाओ
ईश प्रसन्न है ,आज मगन है

मस्ती की बारिश का
अवसर शुभ सगुन है
भीगी भीगी इस मस्ती में
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
तुम भी आओ

आओ मिलकर हम सब बनाये
मस्ती का ये उत्सव
मस्ती बरस रही है
आज बनकर जीवन का उत्सव !!

जीवन के इस उत्सव में
तुम भी आओ
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली!!

आओ बनाये मिलकर हम
मस्तों की इक टोली
जीना जिसकी भाषा हो
और हँसना हो बोली .



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जीवन गुंजन

>> शनिवार, 14 जून 2008


मस्ती में डूबा
हर छण पावन है
जीवन का रोपण है
मस्ती ।

जीवन का गुंजन है मस्ती
जीवन का यह नाद
जीवन का आधार है मस्ती
परम ईश का यह प्रसाद

मस्ती तो एक सुधा है
जीवन की यह वसुधा है
जीवन का गौरव है मस्ती
जीवन पुष्प का सौरभ मस्ती

मस्ती के पौधे को रोपो
इसको पालो इसको सींचो
इसका पौधा वृक्ष बनेगा
नए जीवन की छांव बनेगा

इस लोक से उस लोक तक
मस्ती रस को फैला दो
परम ईश को भी अब
मस्ती का भोग लगा दो

फ़िर वहां से जब कोई आएगा
मस्ती रस को संग लाएगा
फ़िर जो यहाँ से जाएगा
मस्ती रस को ही ले जाएगा

मस्ती को सूत्र बनाओ
प्रभु से जुड़ जाने का
मस्ती को मंत्र बनाओ
प्रभु को मनाने का

मस्ती के वट वृक्ष की
इस शीतल छाँव में
तुम भी आओ
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली!!

आओ बनाये मिलकर हम
मस्तों की इक टोली
जीना जिसकी भाषा हो
और हँसना हो बोली .

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मस्ती भगवन

>> बुधवार, 4 जून 2008

अब बैचैनी नही है मन में
जब से मस्ती जीवन में आई
मस्ती के संग संग फिरने से
मस्ती में खुशियाँ ही पाई

मस्ती में मिला दर्शन
मस्ती में मिला भगवन
भगवन का अवतार है मस्ती
भगवन का प्रसाद है मस्ती

अब बैचैनी नही है मन में
जब से मस्ती जीवन में आई
मस्ती के संग संग फिरने से
मस्ती में खुशियाँ ही पाई

जो मस्ती की राह पकड़ता
दुःख कोई फ़िर जकड़ता
मस्ती में बहता ही जाए
फ़िर जीवन का डोला

मस्ती रस में झूम झूम
फ़िर मन ये बोला
मस्ती ही मेरा मौला है
मस्ती ही मेरा चोला
मस्ती ही मेरा डेरा है
मस्ती ही जीवन का मेला

अब बैचैनी नही है मन में
जब से मस्ती जीवन में आई
मस्ती के संग संग फिरने से
मस्ती में खुशियाँ ही पाई

मस्ती ही धाम प्रभु का
मस्ती ही है प्रभु का नाम

मेरे
प्रियतम !! मेरे हमजोली
आओ बनाये मिलकर हम
मस्तो की एक टोली
जीना जिसकी भाषा हो
और हँसना हो बोली



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मस्ती जीवन की माला

>> मंगलवार, 13 मई 2008

मस्ती जीवन की है माला
मस्ती जीवन का अमृत प्याला
इस अमृत का जिसने पान किया
धन्य हुआ उसका जीवन
उसे ईश का वरदान मिला

मस्त हो जाता जब जीवन
लयबद्ध हो जाता है
रोज़ नयी नयी राहों पर
जीवन चलता जाता है

मस्ती गति है जीवन की
मस्ती रंग है जीवन का
जीवन के इस मूलमंत्र को
अपने हृदय लगाओ

मस्तो की टोली मे
मेरे प्रियतम !! मेरे हमजोली
तुम भी आओ !!

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जीवन बहता जाए

>> मंगलवार, 29 अप्रैल 2008

मस्ती मे जब मन रम जाए
जीवन फ़िर बहता ही जाए
मस्ती से खिल जाए जीवन सुमन
मस्ती मे मिल जाए भगवन

जीवन फ़िर गाता ही जाए
मस्ती मे जीवन खिलता जाए
जीवन फ़िर बहता ही जाए

मस्ती से मिट जाए चिंता की लकीरे
मस्ती से संवार जाती तकदीरें
मस्ती से सुरभित होता
जीवन का कोना कोना
मस्ती शब्द है सोना

हृदय की पुकार को सुनो
मस्ती से जुड़ जाओ
ये आमंत्रण नए जीवन का
मस्तो ** की सोहबत मे चले आओ

जीवन का सार है मस्ती
जीवन के पार है मस्ती
एक पूर्णता है मस्ती
एक दिशा है मस्ती

मस्ती मे जब मन रम जाए
जीवन फ़िर बहता ही जाए
मस्ती से खिल जाए जीवन सुमन
मस्ती मे मिल जाए भगवन

मस्तो की टोली मे आओ
मेरे प्रियतम! मेरे हमजोली !!
आओ बनाये मिलकर हम
मस्तो की टोली
जीना जिसकी भाषा हो
ओर हँसना हो बोली

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