मस्ती का चाँद
>> रविवार, 19 अक्टूबर 2008
मस्ती का चाँद खिला है
शीतल शीतल
मस्ती से जीवन हुआ
कोमल कोमल
मस्ती की निशा में
तारे आए धुलकर
धवल धवल
फूल खिले जीवन में
नवल नवल
मस्ती की इस रात में
तुम भी आओ
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
आओ निकले मिलकर
हम चाँद की एक डोली
चाँद को मस्ती से सजा दो
चाँद को थोडी मस्ती चखा दो
चाँद मस्ती में प्यारा हो जाए
मस्ती में आओ जी के
चाँद से हम मिलकर आयें
शीतल शीतल
मस्ती से जीवन हुआ
कोमल कोमल
मस्ती की निशा में
तारे आए धुलकर
धवल धवल
फूल खिले जीवन में
नवल नवल
मस्ती की इस रात में
तुम भी आओ
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
आओ निकले मिलकर
हम चाँद की एक डोली
चाँद को मस्ती से सजा दो
चाँद को थोडी मस्ती चखा दो
चाँद मस्ती में प्यारा हो जाए
मस्ती में आओ जी के
चाँद से हम मिलकर आयें
(*चन्द्रयान बाईस की अल सुबह प्रक्षेपित हो रहा है । ये अवसर हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है .भारत के चाँद पर बढ़ते कदम .. मिशन मून के लिए सभी वैज्ञानिकों को हार्दिक शुभकामनायें..)