परम प्रकाश

>> बुधवार, 29 अक्टूबर 2008


परम प्रकाश मस्ती का फैला उजियारा
मन में मस्ती दीप जला मिटा अँधियारा


मस्ती के पथ पर है जो चलता
आत्मदीप सदा ही जलता

मस्ती के इस प्रकाश में
मिट जाता हर अंधियारा
जो मस्ती की राह पर आया
उसका हर पथ उजियारा

आओ आँगन दीप जलाएं
आओ मन का दीप जलाये

मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली !!
आओ मस्ती के इस प्रकाश में
हम कर ले हर निशा
जीवन की उजली

(आप सभी सुधि पाठकों को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें
दीपो का यह पर्व आपके जीवन में सुख समृद्धि शान्ति और उल्लास
का प्रकाश लाये .....
शुभकामनायें
आपका ही
अमिताभ )

मस्ती का चाँद

>> रविवार, 19 अक्टूबर 2008

मस्ती का चाँद खिला है
शीतल शीतल
मस्ती से जीवन हुआ
कोमल कोमल

मस्ती की निशा में
तारे आए धुलकर
धवल धवल
फूल खिले जीवन में
नवल नवल

मस्ती की इस रात में
तुम भी आओ
मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
आओ निकले मिलकर
हम चाँद की एक डोली

चाँद को मस्ती से सजा दो
चाँद को थोडी मस्ती चखा दो
चाँद मस्ती में प्यारा हो जाए
मस्ती में आओ जी के
चाँद से हम मिलकर आयें
(*चन्द्रयान बाईस की अल सुबह प्रक्षेपित हो रहा हैये अवसर हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है .भारत के चाँद पर बढ़ते कदम .. मिशन मून के लिए सभी वैज्ञानिकों को हार्दिक शुभकामनायें..)

जीवन सुगंध

>> बुधवार, 8 अक्टूबर 2008


हँसकर गाकर करो स्वागत
सुबह दरवाजे पर देती दस्तक

खुश हो जाओ मस्ती पाकर
मस्ती की लय में गाकर
नाच लो गा लो खुशी मना लो
मस्ती को जीवन में बसा लो

मेरे प्रियतम ! मेरे हमजोली
हर सुबह मस्ती में
हस कर गाकर बोली

जिसके जीवन में हर पल मस्ती
बदल जाए उसकी हस्ती
जीवन को खिलते सुमन
जैसे बिताना
जीवन में हर उलझन मिटाना

खिलते फूलों के जैसी मस्ती
जीवन को सुंगध से भर दे


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